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    एन ई पी

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    राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की पहलें

    केंद्रीय विद्यालय संगठन,  संभाग

    नवाचार, समावेशन एवं समग्र विकास के माध्यम से शिक्षा में परिवर्तन

    केंद्रीय विद्यालय संगठन, चंडीगढ़ संभाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र, लचीला, बहुविषयक, दक्षता-आधारित तथा भारतीय मूल्यों से जुड़ा बनाना है। इस दिशा में चंडीगढ़ संभाग अपने सभी केंद्रीय विद्यालयों के माध्यम से ऐसी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित कर रहा है, जो प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने, खोजने, नवाचार करने और अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास करने के समान अवसर प्रदान करें।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप, चंडीगढ़ संभाग में अनुभवात्मक अधिगम, आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, समस्या-समाधान, डिजिटल साक्षरता, व्यावसायिक शिक्षा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया जाता है। संभाग का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी ज्ञान, कौशल, मूल्यों और जीवनोपयोगी दक्षताओं से युक्त एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हो।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रमुख पहलें

    1. आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN)

    संभाग में प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और गणना करने की बुनियादी दक्षताओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए आयु-उपयुक्त, गतिविधि-आधारित एवं आनंदमय शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाता है। कहानी-कथन, पठन गतिविधियाँ, संख्यात्मक अभ्यास, संवादात्मक कक्षाएँ तथा सतत आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों की आधारभूत दक्षताओं को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाता है।

    1. अनुभवात्मक एवं दक्षता-आधारित अधिगम

    विद्यार्थियों में विषयों की गहरी समझ विकसित करने के लिए परियोजना कार्य, प्रयोग, समूह चर्चा, खोजपरक गतिविधियाँ, व्यावहारिक अभ्यास तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित अधिगम को बढ़ावा दिया जाता है। इसका उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को कम करके ज्ञान के अनुप्रयोग, तार्किक चिंतन, सृजनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना है।

    1. कला, खेल एवं संस्कृति का एकीकरण

    कला-एकीकृत एवं खेल-एकीकृत शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सहयोग, अनुशासन, शारीरिक स्वास्थ्य तथा सांस्कृतिक समझ को विकसित करने पर बल दिया जाता है। विभिन्न कलात्मक गतिविधियों, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसरों के माध्यम से शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाया जाता है।

    1. भारतीय ज्ञान परंपरा एवं मूल्यपरक शिक्षा

    विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान, संवैधानिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण तथा उत्तरदायी नागरिकता के प्रति जागरूक बनाने के प्रयास किए जाते हैं। स्थानीय परंपराओं, भारतीय भाषाओं, ऐतिहासिक धरोहरों और सामुदायिक सहभागिता से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान, सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाती है।

    1. डिजिटल शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी का एकीकरण

    चंडीगढ़ संभाग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के सार्थक उपयोग को प्रोत्साहित करता है। उपलब्ध संसाधनों के अनुसार डिजिटल शिक्षण सामग्री, स्मार्ट कक्षाओं, इंटरैक्टिव पैनल तथा शैक्षिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए किया जाता है। विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता तथा प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग की समझ विकसित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

    1. व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल, विभिन्न व्यवसायों की जानकारी तथा श्रम की गरिमा से परिचित कराने पर बल दिया जाता है। कौशल-आधारित गतिविधियों, उभरती प्रौद्योगिकियों, कोडिंग, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित शिक्षण अवसरों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाता है।

    1. समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा

    संभाग में ऐसी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाता है, जिनमें विभिन्न विषयों के बीच संबंध स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को किसी अवधारणा को अनेक दृष्टिकोणों से समझने का अवसर मिले। शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ कला, खेल, जीवन-कौशल, स्वास्थ्य, कल्याण तथा नैतिक मूल्यों पर ध्यान देकर विद्यार्थियों के संतुलित एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।

    1. समावेशी एवं समानतापूर्ण शिक्षा

    केंद्रीय विद्यालय संगठन, चंडीगढ़ संभाग, प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर प्रदान करने तथा सुरक्षित, सहयोगात्मक और समावेशी शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों की विविध अधिगम आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए उपयुक्त सहयोग, लैंगिक समानता तथा शैक्षिक अवसरों तक समान पहुँच को प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे।

    1. आकलन सुधार एवं अधिगम प्रतिफल

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, विद्यार्थियों की विषयगत समझ, व्यावहारिक अनुप्रयोग और दक्षताओं के आकलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रचनात्मक एवं सतत आकलन, नियमित प्रतिपुष्टि तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं की पहचान के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण एवं संवर्धनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है।

    1. शिक्षक क्षमता संवर्धन

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। चंडीगढ़ संभाग शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, अभिमुखीकरण सत्रों, विषयगत चर्चाओं तथा श्रेष्ठ शिक्षण प्रथाओं के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षताओं को सुदृढ़ करना तथा नवाचारी, विद्यार्थी-केंद्रित और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

    क्रियान्वयन हेतु सामूहिक सहभागिता

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समुदाय के सक्रिय सहयोग से संभव है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, चंडीगढ़ संभाग, अपने विद्यालयों के बीच सहयोग, नवाचार एवं सफल शिक्षण प्रथाओं के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है, ताकि विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जा सके।

    हमारा संकल्प

    केंद्रीय विद्यालय संगठन, चंडीगढ़ संभाग, ऐसे विद्यार्थियों के निर्माण के लिए प्रयासरत है जो ज्ञानवान, कुशल, रचनात्मक, संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक बनें और 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों। साथ ही, वे भारतीय संस्कृति, मूल्यों एवं परंपराओं से जुड़े रहें और समाज तथा राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पहलों के सतत एवं प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से संभाग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, आजीवन अधिगम तथा प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

    केंद्रीय विद्यालय संगठन, चंडीगढ़ संभाग — सशक्त विद्यार्थी, समृद्ध भविष्य।